“Mythology is a subjective truth. Every culture imagines life a certain way.”
“Mythology is a subjective truth. Every culture imagines life a certain way.”
We were never a culture of shame. We were made into one. Not just by the British. But also by their Brahmin collaborators. Both found common cause in attacking powerful rich independent Hindu women, the women who gave India its musical and dance heritage…
पूर्व एशिया के राजा, चाहे वे चीन, जापान, वियतनाम, थाईलैंड या इंडोनेशिया के हों, सिंह को राजत्व का प्रतीक मानते थे। चीन में राजमहलों के सामने, सिंह और सिंहिनी की मूर्तियाँ पाईं जाती हैं। सिंह के पंजे के नीचे एक ग्लोब होता है, जो विश्व का प्रतीक होता है। दूसरी ओर, सिंहिनी के पंजों के नीचे शावक होता है। रोचक बात तो यह है कि पूर्व एशिया में सिंह रहते ही नहीं हैं। वाकई में वे वहाँ कभी नहीं रहें हैं। इसके बावजूद, यह प्राणी पूर्व एशिया की दृश्य संस्कृति का एक महत्त्वपूर्ण अंग है।…
Jealousy moves quietly through the Bible, slipping into homes, upsetting marriages, splitting kingdoms, and turning love into rivalry. Each tale becomes a mirror for our own anxieties about attention, approval, and belonging…
अधिकांश ऐतिहासिक कहानियों में राजा और उनके द्वारा लड़ें गए युद्धों का वर्णन होता है। यह इसलिए कि इतिहास का विषय औपचारिक ढंग से 19वीं सदी में विकसित हुआ, जिस समय के राजा अपने पूर्वजों के पराक्रमों के बारे में जानने के इच्छुक थे। इसलिए, इतिहासकारों ने भी साम्राज्यों के निर्माण पर ध्यान केंद्रित किया। यदि यूरोप पर व्यापारी वर्ग का वर्चस्व रहा होता, तो हमें कहानियों के माध्यम से उनके इतिहास पर अधिक जानकारी मिली होती। अब इतिहासकार जान रहें हैं कि इतिहास में राजाओं के बारे में जानने के अलावा भी बहुत कुछ जानने जैसा है और इसलिए व्यापारी वर्ग की कहानियां भी सामने आ रहीं हैं।…
The lotus today is a symbol of a leading political party in India, but for thousands of years it has been part of Indian myth, ritual, architecture, and craft. At the village level, the lotus thrives as a simple floor drawing made with rice flour. …
कुछ साल पहले मणि रत्नम ने चोल राजवंश पर पोन्नियिन सेलवन नामक दो फ़िल्में बनाईं। मैंने पाया कि फ़िल्मों के भव्य पोस्टर, बढ़िया ट्रेलर और समीक्षकों की अत्यधिक प्रशंसा के बावजूद अधिकाँश ग़ैर-तमिल प्रेक्षक इन फ़िल्मों से ऊब गए थे। लेकिन इतने वरिष्ठ निर्माता की फ़िल्मों के बारे में वे यह बात खुलकर कह न सकें।…
Peter Frankopan’s The Silk Roads and William Dalrymple’s The Golden Roadwith strikingly similar book covers (title within circle), share a striking silence. They speak at length of roads, trade, ideas, monks, merchants, and empires, but largely ignore the animal that made most premodern power possible: the horse…
पिछले लेख में हमने भारतीय उपमहाद्वीप के पूर्वी भाग में हुए ऑस्ट्रो-एशियाटिक प्रवसन और उससे हुए मुंडा भाषा के उगम की बात की। हमने देखा कैसे मुंडा भाषा के कुछ शब्द ऋग्वेद में पाए जाते हैं और कैसे पूर्वी भारत में वैदिक और अ-वैदिक विचारों का मिलन हुआ। अंत में हमने देखा कैसे इस क्षेत्र में बौद्ध और जैन धर्म पनपें। आज के लेख में हम यह चर्चा जारी रखेंगे।…
जब-जब हम भारत के हिंदू धर्म की बात करते हैं, तब-तब अधिकांश ध्यान उत्तर भारत और उसके पश्चिम में स्थित राजपूत क्षेत्रों तथा पूर्व में स्थित गंगा नदी के मैदानों को दिया जाता है। इसके बाद ध्यान दक्षिण भारत और आर्य-द्रविडियाई विभाजन की ओर मुड़ता है। पूर्व भारत — गंगा की नदीमुख-भूमि, ब्रह्मपुत्र नदी घाटी और महानदी नदी-क्षेत्र के योगदान का बहुत कम उल्लेख होता है। ऐसा क्यों?…
जैन धर्म मठवासी धर्म है। इतिहासकारों के अनुसार उसका उगम 2,500 वर्ष पहले हुआ और उसके अधिकाँश धर्मग्रंथ 1,500 वर्ष पहले रचें गए। लेकिन उसके आख्यानशास्त्र के अनुसार वह एक सनातन धर्म है अर्थात वह अनादि और अनंत है। उसके अनुसार समय के अनगिनत कालचक्र होते हैं और प्रत्येक कालचक्र में 24 तीर्थंकर, 12 चक्रवर्ती और 9 वासुदेव धरती पर जन्म लेकर जैन धर्म का प्रचार करते हैं। जैन धर्म पर बात करते समय बहुधा तीर्थंकरों के पुरुष और महिला सेवकों अर्थात यक्ष और यक्षियों का उल्लेख करना रह जाता है। महिला यक्षों को यक्षिनी भी कहा जाता है।चौबीस तीर्थंकर होने के कारण विस्तृत जैन देवगण में कुल चौबीस यक्ष और चौबीस यक्षियां भी होती हैं।…
राजा बनने के लिए, किसी पुरुष को यह सिद्ध करना आवश्यक है कि वह राज परिवार का सदस्य है। लेकिन संस्थापक बनने के लिए क्या करना अपेक्षित है? कोई व्यक्ति दूसरे लोगों पर राज करने के लिए अपने आप को उनसे विशिष्ट कैसे निर्धारित करता है?…
सभी उस राजकुमार की कहानी जानते हैं जिसके पिता ने उसे जीवन की सभी समस्याओं से बचाए रखा। राजकुमार का समृद्ध राज्य और सुखी परिवार था। लेकिन एक दिन उसने अपने राज्य में घूमते समय वृद्ध, बीमार और मरणासन्न लोगों को देखा। राजकुमार को यह जानकर निराशा हुई कि सभी को बुढ़ापे और बीमारी से जाना पड़ता है। वह सोचने लगा कि क्या वह फिर कभी सुखी हो सकता था?…
The debate around Macaulay, English, and education is not just about colonialism. It is about whether India wants a future shaped by open inquiry or a past shaped by inherited authority…
हिंदू धर्म साधारणतः इतिहास के दृष्टिकोण से सिखाया जाता है – हड़प्पा का काल 4000 वर्ष पहले था, 3000 वर्ष पहले वैदिक काल शुरू हुआ, पौराणिक काल 2000 वर्ष पहले शुरू हुआ और भक्ति काल 1000 वर्ष पहले शुरू हुआ। फिर, 200 वर्ष पहले, औपनिवेशिक काल में सुधारवादी आंदोलन शुरू हुआ। लेकिन, ये सभी काल भारतभर समान रूप से नहीं आए। भारतीय उपमहाद्वीप विशाल है। हिंदू धर्म संपूर्ण उपमहाद्वीप में पूर्णतः विकसित होकर अचानक से उत्पन्न नहीं हुआ, जैसी द्रौपदी यज्ञ वेदी से उभरीं थी।…
A true historian has no heroes. He tells us that Mahmud of Ghazni and Rajendra Chola were both ambitious kings, raiders, rulers, and products of their time. That is not judgment, but a reminder that humans everywhere act out of similar motives: power, faith, greed, or glory. But historical fiction has its place, too. It allows us to empathise with the past – to feel what numbers and inscriptions cannot convey. It lets us imagine how it might have felt to be a soldier in Kalinga or a slave on a ship…