इस्लामी आख्यानशास्त्र से मिला ज्ञान
लोग अक्सर मुझे इस्लामी आख्यानशास्त्र अर्थात माइथोलॉजी पर लिखने की चुनौती देते हैं। लेकिन वे यह नहीं जानते कि विकिपीडिया पर ‘इस्लामी आख्यानशास्त्र/ माइथोलॉजी’ नामक लेख पहले से ही है। और यूनिवर्सिटियों में लोग उतनी ही सहजता से इस्लामी, ईसाई और यहूदी आख्यानशास्त्र/ माइथोलॉजी की बात करते हैं जितनी की वे यूनानी, मिस्र के और नोर्स आख्यानशास्त्र/ माइथोलॉजी की बात करते हैं। यह ‘चुनौती’ 19वीं सदी की परिभाषाओं पर आधारित है, जिनके अनुसार आख्यान मिथ्या है और धर्म तथा विज्ञान सत्य है, न कि 21वीं सदी की परिभाषाओं पर, जिनके अनुसार आख्यान लोगों का सांस्कृतिक सत्य है जो प्रमाणों के प्रति तटस्थ है।…















