A minimalist line drawing of a person kneeling beside a small fire, with stylized flames and musical notes rising above.

Translations

  • कुम्भ मेले पर कुछ बातें – लेख दूसरा

    कुम्भ मेले पर कुछ बातें – लेख दूसरा

    आइए कुम्भ मेले पर हमारी बातें जारी रखते हैं। कुम्भ मेले का अमृत के ‘कुम्भ’ के साथ संबंध केवल हाल ही में प्रचलित किया गया है। अब, राशिचक्र के बजाय कुम्भ देवों और असुरों द्वारा किए गए क्षीरसागर के मंथन…

  • कुम्भ मेले पर कुछ बातें – लेख पहला

    कुम्भ मेले पर कुछ बातें – लेख पहला

    तेरह जनवरी से लेकर छब्बीस फ़रवरी तक प्रयागराज में महाकुम्भ मेला हो रहा है। आइए अगले दो लेखों में इन मेलों के बारे में कुछ जानें।

  • इंडोनेशिया में तांत्रिक पुण्य स्थल

    इंडोनेशिया में तांत्रिक पुण्य स्थल

    आज बाली के द्वीप को छोड़, इंडोनेशिया पूर्णतः इस्लामी देश है। लेकिन 1000 वर्ष पहले, इंडोनेशिया के जावा द्वीप में तांत्रिक बौद्ध धर्म और तांत्रिक हिंदू धर्म के बीच बहुत प्रतिद्वंद्व हुआ। इस प्रतिद्वंद्व के कारण कुछ अद्भुत स्तूप और…

  • सिंहासन बत्तीसी से मिली सीख

    सिंहासन बत्तीसी से मिली सीख

    एक दिन राजा भोज अपने नगर के निकट एक मैदान से जा रहें थे। वहाँ उन्होंने कुछ अनोखा देखा। अपने सिपाहियों के साथ उस ख़त के पास बढ़ते ही एक किसान चिल्लाया, “दूर रहें, इस खेत से दूर रहें। आपके…

  • शिव की तीसरी आँख का महत्त्व

    शिव की तीसरी आँख का महत्त्व

    शिव की ललाट के केंद्र में स्थित उनकी तीसरी आँख ने हमेशा से ही लोगों को मोहित किया है। कई लोग मानते हैं कि इसी आँख के कारण शिव को ‘विनाशक’ कहा जाता है। यह मान्यता भी है कि शिव…

  • कुम्भ मेलों और आर्यावर्त में संबंध

    कुम्भ मेलों और आर्यावर्त में संबंध

    हालाँकि कुम्भ मेले मुख्यतः उत्तर भारत में आयोजित किए जाते हैं, दक्षिण भारत में भी कुम्भकोणम के महामहम कुंड में ऐसा एक जमाव होता है। वह हर बारह वर्ष, माघ महीने में, सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने के…

  • मंदिरों में ब्रह्मचर्य की भूमिका

    मंदिरों में ब्रह्मचर्य की भूमिका

    भारत में मंदिर क्यों बनाए गए? उनके बनने से पहले लोग चट्टान, नदी और तारों को पूजते थे। कुम्भ मेला एक अच्छा उदाहरण है जहाँ मानव-निर्मित संरचना के न होते हुए भी हिंदू प्रथाएं की जाती हैं। असम में कामाख्या…

  • शिव मंदिर में नंदी का महत्त्व

    शिव मंदिर में नंदी का महत्त्व

    बहुधा वृद्ध पीढ़ी यह बहाना बनाकर युवा पीढ़ी से जानकारी छिपाए रखती है कि लोग लज्जित होंगे। यह वर्तमान और भविष्य की युवा पीढ़ियों के विरुद्ध किया गया अपराध है।

  • शूर्पणखा पर कुछ बातें

    शूर्पणखा पर कुछ बातें

    आज हम रावण की बहन, शूर्पणखा, के माध्यम से उनके चरित्र के कुछ पहलू समझेंगे।

  • इस्लामी आख्यानशास्त्र से मिला ज्ञान

    इस्लामी आख्यानशास्त्र से मिला ज्ञान

    लोग अक्सर मुझे इस्लामी आख्यानशास्त्र अर्थात माइथोलॉजी पर लिखने की चुनौती देते हैं। लेकिन वे यह नहीं जानते कि विकिपीडिया पर ‘इस्लामी आख्यानशास्त्र/ माइथोलॉजी’ नामक लेख पहले से ही है। और यूनिवर्सिटियों में लोग उतनी ही सहजता से इस्लामी, ईसाई…

  • एक नहीं अनेक

    एक नहीं अनेक

    एक लोकप्रिय धारावाहिक में राम की बड़ी बहन, शांता, को दर्शाया गया है। वाल्मीकि रामायण के बालकाण्ड के अनुसार वे दशरथ और कौशल्या की पुत्री थी। उन्हें अंग के राजा, रोमपद, को दत्तक दिया गया। उन्होंने ऋश्यश्रृंग ऋषि से विवाह…

  • हिंदू धर्म में पूर्व भारत का योगदान – लेख दूसरा

    हिंदू धर्म में पूर्व भारत का योगदान – लेख दूसरा

    पिछले लेख में हमने भारतीय उपमहाद्वीप के पूर्वी भाग में हुए ऑस्ट्रो-एशियाटिक प्रवसन और उससे हुए मुंडा भाषा के उगम की बात की। हमने देखा कैसे मुंडा भाषा के कुछ शब्द ऋग्वेद में पाए जाते हैं और कैसे पूर्वी भारत…

  • हिंदू धर्म में पूर्व भारत का योगदान – लेख पहला

    हिंदू धर्म में पूर्व भारत का योगदान – लेख पहला

    जब-जब हम भारत के हिंदू धर्म की बात करते हैं, तब-तब अधिकांश ध्यान उत्तर भारत और उसके पश्चिम में स्थित राजपूत क्षेत्रों तथा पूर्व में स्थित गंगा नदी के मैदानों को दिया जाता है। इसके बाद ध्यान दक्षिण भारत और…

  • जैन धर्म की संरक्षक यक्षियाँ

    जैन धर्म की संरक्षक यक्षियाँ

    जैन धर्म मठवासी धर्म है। इतिहासकारों के अनुसार उसका उगम 2,500 वर्ष पहले हुआ और उसके अधिकाँश धर्मग्रंथ 1,500 वर्ष पहले रचें गए। लेकिन उसके आख्यानशास्त्र के अनुसार वह एक सनातन धर्म है अर्थात वह अनादि और अनंत है।

  • गाथा के माध्यम से राजा की स्थापना

    गाथा के माध्यम से राजा की स्थापना

    राजा बनने के लिए, किसी पुरुष को यह सिद्ध करना आवश्यक है कि वह राज परिवार का सदस्य है। लेकिन संस्थापक बनने के लिए क्या करना अपेक्षित है? कोई व्यक्ति दूसरे लोगों पर राज करने के लिए अपने आप को…

  • जानें शून्य की धारणा अरब पहुंचने का मॉनसूनी हवाओं से संबंध

    जानें शून्य की धारणा अरब पहुंचने का मॉनसूनी हवाओं से संबंध

    भारत और अरब के बीच व्यापार का लंबा इतिहास है। लगभग 4000 वर्ष पहले, हड़प्पा की सभ्यता और अरब के बीच समुद्री व्यापार होता था। नाविक पंछियों की मदद से समुद्रतट की दिशा और उससे दूरी निर्धारित कर जहाज़ों को…